भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला 3 जुलाई से लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर शुरू होगा। भारतीय टीम इस मैच को लेकर पूरी तैयारी में जुटी है, और फैंस को शुभमन गिल से बड़ी उम्मीदें हैं।
1932 से लेकर अब तक भारत ने लॉर्ड्स में कुल 19 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, लेकिन इनमें से केवल तीन में ही जीत नसीब हुई है। 12 बार हार का सामना करना पड़ा है और 4 मैच ड्रॉ रहे हैं।
गिल के पास इतिहास रचने का मौका
कपिल देव (1986), महेंद्र सिंह धोनी (2014) और विराट कोहली (2021) जैसे दिग्गज कप्तानों ने लॉर्ड्स में टीम इंडिया को जीत दिलाई है। अब शुभमन गिल के पास यह मौका है कि वह भारत के चौथे ऐसे कप्तान बनें जो लॉर्ड्स में टेस्ट जीतें।

एजबेस्टन में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले गिल पहले ही एशिया के पहले ऐसे कप्तान बन चुके हैं जिन्होंने उस मैदान पर टेस्ट में भारत को जीत दिलाई। अब उनकी नजरें लॉर्ड्स के ताज पर हैं।
लॉर्ड्स में भारत की जीत की कहानी
साल जीत का अंतर कप्तान प्लेयर ऑफ द मैच
1986 5 विकेट कपिल देव कपिल देव
2014 95 रन एमएस धोनी ईशांत शर्मा
2021 151 रन विराट कोहली केएल राहुल
कौन बन सकता है मैच का हीरो?
2021 में लॉर्ड्स पर जीत के हीरो रहे केएल राहुल इस बार भी टीम का हिस्सा हैं। उनके अनुभव से टीम को फायदा हो सकता है। उस टेस्ट में उन्होंने 129 रन की पारी खेली थी। वहीं, सिराज ने दोनों पारियों में चार-चार विकेट लिए थे। बुमराह की दूसरी पारी में तीन विकेट भी उस जीत में अहम रहे थे।
कैचिंग के आंकड़े क्या कहते हैं?
टीम लिए गए कैच छोड़े गए कैच कैचिंग प्रतिशत
भारत 21 13 61.80%
इंग्लैंड 23 8 74.20%
तीनों टेस्ट जीत की कहानी
- 1986: इंग्लैंड द्वारा दिए गए 134 रन के लक्ष्य को भारत ने 5 विकेट पर हासिल किया।
- 2014: धोनी की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 319 रन का लक्ष्य दिया, जिसे वे 223 पर समेटने में सफल रहे।
- 2021: कोहली की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 272 रन का टारगेट दिया और मेजबान टीम 120 रन पर ढेर हो गई।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या शुभमन गिल भी कपिल, धोनी और कोहली की तरह लॉर्ड्स में टीम को ऐतिहासिक जीत दिला पाएंगे?







