EOW (Economic Offences Wing) ने इस घोटाले के सिलसिले में एक भव्य 3100 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें तात्कालीन आबकारी आयुक्त IAS निरंजन दास सहित कुल 29 लोगों का नाम शामिल है । चालान में बताया गया है कि ये संपूर्ण दस्तावेज़ पाँच से छह बड़ी चार्जशीट्स के संग्रह के बराबर है, जिसमें शामिल आरोपियों की भूमिका, आरोपों का विस्तार, वित्तीय लेन‑देन, भोजन-आश्रय, और आरोपियों के ठिकानों से जब्त हुई संपत्ति का ब्यौरा विस्तार से दिखाया गया है।
कुल प्रतिभागियों की जानकारी
चालान में 29 आरोपी शामिल हैं, जिनमें उच्च पदस्थ आबकारी अधिकारियों, व्यापारी, सिंडिकेट से जुड़े लोग, और अन्य सहयोगी शामिल हैं । सबसे बड़े नामों में IAS निरंजन दास प्रमुख हैं, जिन्हें भेजी गई धनराशि, स्वीकृति, और अनुमति प्रक्रियाओं में कर्तव्य लापरवाही या दुरुपयोग के आरोपों की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ के लिए उसके मायने
1. व्यापक दस्तावेजी सबूत: 3100 पेजों के इस चालान से यह स्पष्ट है कि यह कोई सिंगल आरोपपत्र नहीं बल्कि एक संगठित जांच का नतीजा है। इससे अभियोजन पक्ष मजबूत होगा।
2. राजनैतिक और सामाजिक प्रभाव: पिछली कांग्रेस सरकार पर यह आरोप फिर से मंथरता से तैरने लगा है; IAS निदेशक जैसे उच्च पदस्थ अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं।
3. अगले चरण: अब इन सभी 29 नामों के खिलाफ अदालत के समक्ष सुनवाई होगी, जमानत‑माफी की सुनवाइयाँ, और संपत्ति जप्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी।



