सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के लगभग 2,300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों का संघर्ष 321 दिन पूरा कर चुका है। गुरुवार (5 नवंबर) सुबह अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ नवा रायपुर स्थित स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले के बाहर पहुंच गए और मंत्री से मुलाकात की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, वे मंत्री के बंगले से वापस नहीं लौटेंगे। पुलिस उन्हें तूता धरना स्थल जाने की सलाह दे रही है, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई।
दस महीने से जारी आमरण अनशन
डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर 2025 से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि भर्ती-2023 के शेष पदों पर काउंसलिंग और पात्रता प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति नहीं दी गई है।
अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेशों के पालन की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अदालत ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए थे, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया अब भी लंबित है।
परिवारों की उम्मीदों पर सवाल
आंदोलन के दौरान कई दीपावलियां बीत चुकी हैं, लेकिन अभ्यर्थियों के परिवारों को रोजगार की उम्मीद अब भी पूरी नहीं हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बेरोजगारी और लंबे संघर्ष ने उनके सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित किया है; कई अभ्यर्थी शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के दबाव का हवाला दे रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि भर्ती-2023 के शेष 2,300 पदों पर पात्र डीएड अभ्यर्थियों की तत्काल नियुक्ति की जाए और दूसरी सूची जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।







