रायपुर।भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चल रहे सत्ता और संगठन के बीच समन्वय की कमी और वरिष्ठ नेताओं की शिकायतों के मद्देनजर बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय दोनों को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है।
पार्टी के भीतर से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से छत्तीसगढ़ भाजपा में सरकार (सत्ता) और संगठन के बीच तालमेल बिगड़ता जा रहा था। कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने हाईकमान तक अपनी शिकायतें पहुंचाई थीं कि संगठन और सरकार के बीच निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्पष्टता नहीं है, स्थानीय मुद्दों पर संगठन की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा और चुनावी तैयारियों, प्रत्याशी चयन और जनसंपर्क को लेकर दोनों धड़ों के बीच असमंजस बना हुआ है। इन शिकायतों के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व में हलचल बढ़ी और मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय जामवाल और पवन साय की छत्तीसगढ़ से छुट्टी का फैसला किया गया।


अजय जामवाल, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री थे, को अब महाराष्ट्र के प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है। वहीं, पवन साय को छत्तीसगढ़ से हटाकर झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ में अब कर्मवीर को नया प्रदेश संगठन महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है, जबकि प्रदेश प्रभारी के तौर पर स्मृति ईरानी को पहले ही छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ भाजपा में सत्ता और संगठन के बीच तनाव की खबरें नई नहीं हैं। 2022 में भी पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को बदला गया था, ताकि संगठन में नई ऊर्जा आए और गुटीय प्रबंधन खत्म हो। 2026 में कोर कमेटी के गठन के समय भी अजय जामवाल और पवन साय को अहम जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन धीरे-धीरे समन्वय की कमी और आपसी खींचतान की शिकायतें सामने आती रहीं। अब नई टीम के साथ भाजपा 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है।






