कोरिया।जहाँ सड़क होनी थी, वहाँ आज कीचड़ और गड्ढे हैं। हालत ऐसी हो गई है कि ग्रामीणों ने उसी सड़क पर धान की रोपाई शुरू कर दी। लगता है अब सड़कों की गुणवत्ता किलोमीटर में नहीं, बल्कि प्रति एकड़ पैदावार से मापी जाएगी।
यह दृश्य किसी खेत का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की ग्राम पंचायत कदमनारा का है, जहाँ सरकार की बदहाल सड़क व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने अनोखा विरोध दर्ज कराया। सड़क पर धान की रोपाई कर लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।
दरअसल, कदमनारा से लवानापारा तक करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य दो माह पहले शुरू हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार सड़क खोदकर अधूरा काम छोड़ गया और उसके बाद वापस नहीं लौटा। लगातार बारिश के कारण पूरी सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो अधिकारियों ने कोई कार्रवाई की और न ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया। आखिरकार नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए और कीचड़ भरी सड़क को ही धान का खेत बनाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
यह घटना सिर्फ एक सड़क की बदहाली नहीं, बल्कि सरकारी निगरानी, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस सड़क से लोगों की आवाजाही आसान होनी थी, वह आज धान की रोपाई का प्रतीक बन गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस विरोध को केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन मानती है या फिर अधूरी सड़क को पूरा कर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करती है।





