छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के बिजली बिलों के बढ़ते बकाया को कम करने के लिए राज्य में आज से नई स्मार्ट प्री-पेड बिजली व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस व्यवस्था के तहत विकासखंड स्तर और उससे ऊपर के सभी सरकारी बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। फिलहाल यह व्यवस्था केवल सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों पर लागू होगी।
बिजली कंपनी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये अधिकारी स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने, संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगे, ताकि योजना समयबद्ध तरीके से लागू हो सके।
3,300 करोड़ रुपये से अधिक बकाया की होगी वसूली
जानकारी के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों का बकाया 3,300 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। बिजली कंपनी इस बकाया राशि की वसूली किस्तों में करेगी। नई प्री-पेड व्यवस्था के लागू होने से भविष्य में बकाया बढ़ने पर रोक लगाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर जोर
बिजली कंपनी का कहना है कि स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था से सरकारी विभागों में बिजली खपत की निगरानी बेहतर होगी, भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा। इससे बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होने की उम्मीद है।






