खबर का असर: दुर्ग विवि के कुलसचिव को शोकॉज नोटिस; भूपेंद्र कुलदीप से उच्च शिक्षा ने 7 दिनों में मांगा जवाब

Madhya Bharat Desk
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रायपुर: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप द्वारा शासकीय वाहन (Toyota Etios, क्र. CG-02-6681) को ‘पारिवारिक टैक्सी’ बनाने, ओडोमीटर से छेड़छाड़ कर 5,000 किलोमीटर रीडिंग घटाने, दुर्घटनाग्रस्त वाहन का फर्जी बिल प्रस्तुत करने तथा विश्वविद्यालय की ‘परीक्षा निधि’ के अनुचित उपयोग से जुड़ी सनसनीखेज खबर को ‘मध्यभारत परिदृश्य’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

‘मध्यभारत परिदृश्य’ की इस खोजी रिपोर्ट और तथ्यपरक खुलासे का बड़ा और त्वरित असर देखने को मिला है—उच्च शिक्षा संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन ने गठित जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) थमा दिया है।

जाँच समिति की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ‘मध्यभारत परिदृश्य’ एवं सोशल मीडिया में प्रकाशित खबर के संज्ञान में आने पर गठित जाँच समिति ने 03 जून 2026 को अपनी जाँच प्रतिवेदन सौंपी थी। जांच में निम्नलिखित बिंदुओं की पुष्टि हुई है:

  1. शासकीय वाहन का दुरुपयोग: कुलसचिव द्वारा शासकीय वाहन (CG-02-6681) का नियम विरुद्ध निजी उपयोग कर गंभीर दुरुपयोग किया गया।
  2. फर्जी बिल-वाउचर प्रस्तुत करना: दुर्घटनाग्रस्त कार की मरम्मत के नाम पर प्रशासनिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तथ्यों और गलत बिल-वाउचर को प्रस्तुत कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया।
  3. बीमा दावा (Insurance Claim) न करना: वाहन की दुर्घटना के बाद जानबूझकर बीमा दावा प्रस्तुत नहीं किया गया और विश्वविद्यालय के शासकीय फंड से राशि खर्च कर शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाई गई।
  4. ओडोमीटर से छेड़छाड़ व कूटरचना: शासकीय वाहन के ओडोमीटर से अनाधिकृत रूप से 5,000 किलोमीटर रीडिंग कम कराई गई, जो वाहन के साथ गंभीर यांत्रिक छेड़छाड़ और जालसा जी (कूटरचना) को सिद्ध करता है।
  5. फर्जी फर्म के नाम पर फर्जीवाड़ा: दुर्घटनाग्रस्त कार की वास्तविक मरम्मत ‘बाबूडेटिंग पेंटिंग न्यू बसंत टॉकीज पावर हाउस’ में कराई गई थी, जबकि फर्जी तरीके से ‘शुक्ला एंटरप्राइजेज एवं स्टार नेट, हॉस्पिटल सेक्टर, भिलाई’ का गलत बिल प्रस्तुत कर भुगतान प्राप्त किया गया, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता को उजागर करता है।

यह खबर पढ़ें– कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप का एक और कारनामा, सरकारी गाड़ी को बनाया टैक्सी, ओडोमीटर से भी छेड़छाड़

7 दिनों का अल्टीमेटम
उच्च शिक्षा आयुक्त (रीता यादव) द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि कुलसचिव का यह कृत्य शासकीय कर्तव्यों की घोर अवहेलना, लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता का प्रतीक है। यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम–1965 के नियम–3 का सीधा और स्पष्ट उल्लंघन है।

संचालनालय ने कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को निर्देशित किया है कि वे 07 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर उनके विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही (Ex-parte Action) की जाएगी।

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