नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों के जारी आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामलों पर सरकार का कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ी हैं और सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के महीनों में सामने आए पेपर लीक मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना था। इसी के तहत करीब 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं कम समय में दोबारा आयोजित कराई गईं और 19 तारीख को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए।
PM मोदी ने बताया कि सरकार अब पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी कर रही है। संबंधित विभागों ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है, जिसमें दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान प्रस्तावित है।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद सरकार इसे अंतिम रूप देकर संसद में विधेयक के रूप में पेश करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
इस बीच उच्च शिक्षा विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। वरिष्ठ IAS अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री के इस संदेश को पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्त कार्रवाई और आगामी कानूनी कदमों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।







