छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2026 से बिजली की नई दरें लागू होने जा रही हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग की मंजूरी के बाद घरेलू उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक अधिक बिजली बिल चुकाना होगा। इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डंगनिया स्थित बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और बिजली दरों में बढ़ोतरी को आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला फैसला बताया गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगाड़ा बजाकर अपना विरोध जताया। साथ ही बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन भी किया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर बिजली की बढ़ी हुई दरों का सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।
इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस ने आंदोलन के अगले चरण की भी घोषणा की है। पार्टी 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, जिसमें बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर अपना पक्ष विस्तार से रखा जाएगा।





