रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत की संपत्तियों की खरीद-बिक्री और लीज से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए कानून के तहत अब इन निकायों की किसी भी जमीन, दुकान या भवन को सीधे बेचने या लीज पर देने की अनुमति नहीं होगी।
अब हर संपत्ति की बिक्री या लीज ई-टेंडर (e-Tender) के जरिए होगी। यानी जिस व्यक्ति या संस्था की सबसे अधिक बोली होगी, उसी को संपत्ति आवंटित की जाएगी।
नए नियमों के मुताबिक ई-टेंडर की सूचना कम से कम 15 दिन पहले सार्वजनिक करना जरूरी होगा, ताकि इच्छुक लोग समय पर आवेदन कर सकें। वहीं, 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की किसी भी संपत्ति की बिक्री या लीज के लिए राज्य सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
सरकार ने पट्टे (लीज) की अधिकतम अवधि 30 वर्ष तय की है। जरूरत पड़ने पर इसका नवीनीकरण भी किया जा सकेगा। यदि किसी संपत्ति को लेकर विवाद होता है, तो संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है, ताकि सरकारी संपत्तियों के आवंटन में किसी भी तरह की अनियमितता या मनमानी की गुंजाइश न रहे।





