रायपुर की राजनीति और समाज सेवा की धरती पर एक युग का अंत हो गया है—रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का देर शाम साढ़े छह बजे वी वाय अस्पताल में निधन हो गया, जहाँ वे उपचाराधीन थीं। उनकी उम्र 94 वर्ष बताई जा रही है, जो उनके समर्पित जीवन और लंबी राजनीतिक यात्रा का प्रतीक है ।
जीवन पथ और बहुआयामी योगदान
1977 में जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुनकर उन्होंने रायपुर में महिलाओं के लिए नए आयाम स्थापित किए—उनकी मसिहाई और साहसिक सोच ने उन्हें इतिहास में स्थापित किया। वे जनसंघ की सक्रिय कार्यकर्ता रह चुकी थीं, ब्लॉक और क्षेत्र स्तर पर समाज सुधार में अग्रणी भूमिका निभाईं ।
आपातकाल के दौरान अदम्य साहस
1975–77 के आपातकाल में, उन्होंने भूमिगत प्रतिरोध का नेतृत्व किया, जबकि उनके भी तीन बेटे MISA के तहत जेल गए थे। उनके घर में संघ के वरिष्ठ नेताओं जैसे कुशाभाऊ ठाकरे आदि भी शरण लेते थे, और ताई ने खुले दिल से जनसेवा की मिसाल पेश की ।
मूल्य और जनसेवा
उनकी जीवनशैली सादगी और ईमानदारी का परिचय थी—उन्होंने विधायक रहते हुए कभी सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं लिया, रिक्शे पर यात्रा की, और अपने बेटों को सरकारी नौकरी के लिए सिफ़ारिश नहीं की, बल्कि “प्रतिभा से सब हासिल करो” का संदेश दिया ।
राजनीतिक पुल और संबंध
वे राजनीतिक दलों की दीवारें पार करने वाली सहज सलाहकार थीं। उन्होंने बीजेपी महिलाओं के वर्ग को आगे बढ़ाया और नेताओं जैसे अटल बिहारी वाजपेयी, एल.के.आडवाणी, सुषमा स्वराज, अर्जुन सिंह आदि से जुड़कर राजनैतिक संवाद को साधा ।
शोक संदेश और प्रतिक्रिया
रायगढ़ (छत्तीसगढ़) के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। भाजपा और सरकार में कार्यरत अन्य नेताओं, जैसे महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने भी संवेदना व्यक्त की और उनके सामाजिक योगदान की सराहना की ।



