रायपुर। उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निजी सहायक (पीए) से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार के पास धन की भारी कमी हो गई है। अरुण साव के पीए ने एक पत्रकार मित्र को बताया कि प्रदेशभर के ठेकेदार यूनियन लगातार पिछले 20 दिनों से मंत्री से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक अवसर नहीं मिला है।
पीए ने यह दावा किया है कि मंत्री जी समय नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि फिलहाल सरकार के पास धन की भारी कमी है। यही वजह है कि विकास कार्यों के भुगतान अटक गए हैं और ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार अब 2026 के बजट में ही ठेकेदारों का भुगतान करने की योजना बना रही है। इसका सीधा अर्थ है कि तब तक प्रदेशभर के लगभग सभी निर्माण और विकास कार्य ठप रहेंगे।
गौरतलब है कि मंत्री के खास पीए प्रदेशभर में मंत्री की धन संग्रह गतिविधियों के लिए चर्चित रहे हैं। ऐसे में ठेकेदार यूनियन सवाल उठा रही है कि जब प्रदेश में धन की इतनी कमी है, तो क्या विकास कार्यों को दरकिनार कर राजनीतिक खर्च और अन्य प्राथमिकताओं पर ध्यान दिया जा रहा है?
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों की गति पूरी तरह थम चुकी है और जनता को जर्जर सड़कों व अधूरे प्रोजेक्ट्स के बीच अगले बजट का इंतजार करना पड़ेगा जिसके लिए अभी पूरा एक साल का समय है।



