भानुप्रतापपुर। क्षेत्र में चल रही गोदावरी इस्पात (आरीडोंगरी) की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोकाधिकार समिति के नेतृत्व में लोगों ने कंपनी पर अनियमितताओं, पर्यावरण प्रदूषण और स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। इस संबंध में ग्रामीणों ने क्षेत्रीय सांसद भोजराज नाग को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि खदान से निकलने वाला वेस्ट मटेरियल खुले में डाला जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में धूल और प्रदूषण फैल रहा है। इसका असर आसपास के गांवों और नदियों के पानी पर भी पड़ रहा है, जिससे जल स्रोत दूषित होने की बात कही जा रही है।
इसके साथ ही लोगों ने आरोप लगाया कि वेस्ट डंप के लिए ली गई जमीन पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस लीज को तुरंत रोका जाए और काटे गए पेड़ों की जगह फिर से बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया जाए।
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि सीएसआर और डीएमएफ फंड के उपयोग में अनियमितताएं हो सकती हैं, जिसकी उच्च स्तरीय जांच जरूरी है। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की भी मांग उठाई गई है।







