मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा के तीनों राज्यसभा प्रत्याशियों को निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र दिए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता और लोकतंत्र के साथ धोखा बताया है।
कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा की गई शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया है, जबकि मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई प्रस्तावित है। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित कर प्रमाणपत्र सौंपना जल्दबाजी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह षड्यंत्रपूर्वक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अपहरण का मामला है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं अपना कर्तव्य निभाने के बजाय भाजपा के एजेंट की तरह कार्य करती नजर आ रही हैं।
कमलनाथ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मामले को न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाएगी तथा कथित अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव अब और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।






