चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहने, ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के बीच गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ के व्रतधारियों के लिए चांद दिखाई देने की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई है।
मौसम को देखते हुए रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, राजनांदगांव, कांकेर समेत कई जिलों में 29 अक्टूबर को स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कोंडागांव में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां प्रशासन बाढ़ और बारिश को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर को पड़ रहा है, लेकिन घने बादलों और बारिश की संभावना के बीच चांद देर से या धुंधले मौसम में दिखाई दे सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार चक्रवात के कमजोर होने के बाद भी आसमान में बादल बने रह सकते हैं, जिससे चंद्र दर्शन में देरी हो सकती है।
व्रतधारियों के लिए प्रशासन ने सलाह दी है कि शाम को चांद देखने के लिए छत या खुले मैदान में जाने से बचें, खासकर तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
करवा चौथ के शुभ अवसर पर मौसम ने भले ही रौनक कुछ कम कर दी हो, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है। व्रतधारी अपने-अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर बनाए रखें, ताकि चांद दिखने के बाद निर्धारित विधि से व्रत पूर्ण किया जा सके।





