बालाघाट।नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज बालाघाट के जागला गांव पहुंचे और आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। पिछले दिनों यहां कुपोषण और मलेरिया-मीजल्स जैसी बीमारियों के कारण 30 से अधिक बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई थी।
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें हिम्मत दी और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि बालाघाट आकर ऐसा लगा, जैसे हिंदुस्तान के बीचों-बीच ही हिंदुस्तान की सरकार मौजूद नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि यहां कई बच्चों की मौत कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई है, लेकिन सरकार की ओर से लोगों को उचित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जमीन, वन अधिकार अधिनियम और मनरेगा से जुड़े मुद्दे हैं। कई परिवारों ने अपने बच्चे खो दिए हैं, लेकिन अब तक आधे लोगों को मुआवजा नहीं मिला है।
उन्होंने सरकार से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए बालाघाट में स्कूल और अस्पताल की सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आदिवासी परिवारों को उनका अधिकार देने की मांग की।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार 24 घंटे विकास की बात करती है, लेकिन जिम्मेदारी निभाने के समय गायब हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार दो योजनाएं चला रही है, तो लोगों को दोनों योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। एक योजना का लाभ देकर दूसरी योजना से लोगों का नाम काटना गलत है।

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें क्षेत्र की स्थिति देखकर काफी दुख हुआ। उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर उनकी मदद की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समुदाय के लिए ‘वनवासी’ नहीं, बल्कि ‘आदिवासी’ शब्द का इस्तेमाल करती है। राहुल गांधी के मुताबिक, आदिवासी हिंदुस्तान के पहले मालिक हैं और उन्हें देश में सम्मान, जगह और सभी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
राहुल गांधी ने बालाघाट की स्थिति को मध्य प्रदेश सरकार की विफलता करार दिया।






