मध्यप्रदेश को मिलेगा नया गौरव — इंदौर चिड़ियाघर में अगले साल जन्म ले सकता है देश का पहला ब्लैक टाइगर

Madhya Bharat Desk
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इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां अगले साल यानी 2026 में देश का पहला ब्लैक टाइगर (मेलानिस्टिक टाइगर) जन्म ले सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंदौर जू में हाल ही में मेलानिस्टिक नर टाइगर और व्हाइट फीमेल टाइगर की सफल मेटिंग कराई गई है। इस मेटिंग से उम्मीद जताई जा रही है कि देश में पहली बार काले रंग का बाघ जन्म लेगा।

जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के मुताबिक, दोनों टाइगर की मेटिंग बीते सितंबर माह में कराई गई थी। मेलानिस्टिक टाइगर का जीन डॉमिनेंट होता है, इसलिए संभावना है कि गर्भकाल पूरा होने पर काले रंग का बाघ जन्म ले सकता है। सामान्यत: टाइगर का गर्भकाल 300 से 310 दिनों के बीच होता है। जू प्रशासन का कहना है कि मादा टाइगर के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहा है, जो संकेत देता है कि मेटिंग सफल रही है और नया मेहमान आने वाला है।

अगर सब कुछ अनुकूल रहा, तो 2026 की शुरुआत में इंदौर चिड़ियाघर देश का पहला ऐसा जू बन जाएगा, जहां ब्लैक टाइगर का जन्म होगा। यह न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात होगी।

देशभर में अभी तक केवल उड़ीसा के नंदन कानन चिड़ियाघर में ही मेलानिस्टिक टाइगर पाए जाते हैं। अगर इंदौर में इनका जन्म होता है, तो यह देश का दूसरा और मध्यप्रदेश का पहला अवसर होगा, जब काले रंग का दुर्लभ बाघ देखा जा सकेगा।

क्या होता है मेलानिस्टिक टाइगर:

मेलानिस्टिक टाइगर के शरीर पर सामान्य टाइगर की तुलना में चौड़ी और गहरी काली धारियां होती हैं। इन धारियों के अधिक घने और फैले होने से टाइगर का पूरा शरीर लगभग काला दिखाई देता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे मेलानिज़्म कहा जाता है, जो एक दुर्लभ आनुवंशिक परिवर्तन है। सामान्य टाइगर के शरीर पर पीले या चॉकलेटी रंग की धारियां होती हैं, जबकि मेलानिस्टिक टाइगर पूरी तरह ब्लैक लुक में दिखाई देता है।

अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो यह इंदौर और मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी — क्योंकि देश में पहली बार किसी चिड़ियाघर में ब्लैक टाइगर का जन्म होगा, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

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