बालाघाट। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से पहले उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और इसकी सूचना भी प्रशासन को दी गई थी, इसके बावजूद पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा तैयारियां समय पर नहीं की गईं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर बालाघाट पुलिस और प्रशासन की लापरवाही बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और स्पष्ट सूचना के बावजूद यदि सरकारी तंत्र अनभिज्ञता जताता है, तो यह प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजकों से आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही, जबकि दौरे की सूचना पहले से मौजूद थी। पार्टी का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्र में होने वाले इस दौरे के लिए रूट, सभा स्थल, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा घेरे की तैयारी पहले ही पूरी कर ली जानी चाहिए थी।
बालाघाट पुलिस की ओर से 29 सितंबर को जारी पत्र में राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे का उल्लेख किया गया था। पत्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए कार्यक्रम, रूट, संभावित भीड़ और राहुल गांधी से मिलने वाले लोगों की जानकारी मांगी गई थी। पुलिस ने क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बताते हुए एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग, रूट क्लियरेंस, बम डिस्पोजल जांच और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाए जाने की आवश्यकता भी बताई थी।
कांग्रेस ने पुलिस के इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी जैसे संवैधानिक पद पर बैठे नेता के दौरे में सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल आयोजकों की नहीं, बल्कि पुलिस और प्रशासन की भी होती है। पार्टी ने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था में हुई कथित चूक की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।






