झूठे आरोप और ब्लैकमेल से परेशान महंत शंकर शरण महाराज ने जहर खाकर दी जान

Madhya Bharat Desk
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सागर जिले के रुरावन गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना हुई, जहाँ भीमकुंड के महंत शंकर शरण महाराज ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। सुबह उन्होंने मंदिर के पुजारी भागीरथ से मुलाकात की और भावुक होकर गले लगाते हुए कहा— “मैंने विष पी लिया है।” इसके बाद वे अपने कमरे में गए और अचानक गिर पड़े। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफ़र किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का कहना है कि महंत पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में थे। उनके भाई धर्मेंद्र दुबे ने आरोप लगाया कि छतरपुर की एक महिला और खजुराहो क्षेत्र के दो पुरुष लगातार महंत को परेशान कर रहे थे। परिजनों के अनुसार इन लोगों ने महंत पर हाथ पकड़ने और गलत व्यवहार के झूठे आरोप लगाए, वीडियो बनाया और केस में फँसाने की धमकी देकर 1 करोड़ रुपये की मांग भी की थी।

इन आरोपों और धमकियों से महंत बेहद परेशान थे। परिजन बताते हैं कि गुरुवार को पुलिस पूछताछ के लिए उन्हें थाने बुलाया गया था। महंत को डर था कि उनके सम्मान और छवि को नुकसान पहुँचेगा। इसी दबाव के चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, पंचनामा बनाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने महिला और दो पुरुषों के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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