छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा क्षेत्र अंतर्गत हर्रई में एक आदिवासी युवक के साथ हुई क्रूरता ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में आदिवासियों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक को न सिर्फ बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसके मुँह पर थूका गया और उस पर पेशाब तक कराया गया—यह अत्याचार किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार कर देने वाला है।
पीड़ित युवक की पीठ पर चोट के गहरे निशान साफ़ दिखाई देते हैं। कई स्थानों पर उसकी त्वचा तक उखड़ चुकी है। यह घटनाक्रम न केवल बर्बरता की हदें पार करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्य में आदिवासियों की सुरक्षा केवल कागज़ों तक सीमित है।
मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार इन हमलों को रोकने में विफल रही है। प्रदेश में लगातार आदिवासी समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, और कई मामलों में तो आरोप सत्ता से जुड़े लोगों पर ही लगते हैं। इससे सरकार की मंशा और कार्रवाई दोनों पर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि आदिवासियों पर हो रहे सिलसिलेवार हमले अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार इस मुद्दे पर केवल बयानबाज़ी न करे, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस और प्रभावी कदम उठाए।
यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से संसद तक आदिवासी समुदाय की आवाज़ बुलंद करेगी।



