Ramnivas Rawat को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद फिर से विधायक घोषित कर दिया गया है। उपचुनाव में मिली हार को चुनौती देते हुए रावत ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला उनके पक्ष में दिया।
अदालत ने चुनाव परिणाम को निरस्त करते हुए रामनिवास रावत को विधायक घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।
रामनिवास रावत पहले Indian National Congress में लंबे समय तक सक्रिय रहे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया था। इसके बाद उन्हें राज्य सरकार में वन मंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद उनके फिर से विधायक बनने पर यह सवाल उठने लगा है कि क्या मुख्यमंत्री Mohan Yadav उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में जगह देंगे या नहीं। फिलहाल इस पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।







