छत्तीसगढ़ में ‘शराब घोटाला पार्ट-2’? सरकार बदली, लेकिन खेल वही!

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की सियासत अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भी शराब कारोबार को लेकर नए आरोप सामने आने लगे हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय उठे कथित शराब घोटाले का मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है, लेकिन अब विपक्ष का आरोप है कि सरकार बदलने के बावजूद भ्रष्टाचार और घोटालों का खेल जस का तस जारी है।

इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक वीडियो साझा कर राज्य की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए वीडियो में उन्होंने दावा किया कि राज्य में शराब के कारोबार में “सिंडिकेट” के जरिए गड़बड़ी की जा रही है।

‘सस्ती बियर पर महंगे ब्रांड का खेल’

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति बियर केन पर लगा “7 हिल्स” ब्रांड का स्टिकर हटाता हुआ दिखाई देता है। स्टिकर हटाने के बाद अंदर “गोल्डन बर्ड” नाम का दूसरा ब्रांड नजर आता है। वीडियो में दावा किया गया है कि सस्ती बियर पर महंगे ब्रांड का स्टिकर लगाकर उसे अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है।

इतना ही नहीं, वीडियो में यह भी कहा गया कि बियर की एक्सपायरी डेट तक मिटा दी गई है। संबंधित व्यक्ति ने कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो पाया।

भूपेश का वार

वीडियो शेयर करते हुए भूपेश बघेल ने लिखा कि भाजपा सरकार में “शराब सिंडिकेट” एक्सपोज हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनांदगांव से इस मामले का खुलासा हुआ है, जहां लंबे समय तक प्रभारी मंत्री के तौर पर विजय शर्मा की जिम्मेदारी रही है।

बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि यह पूरा खेल कमीशन, सेटिंग और संरक्षण का है, जिसमें ब्रांड बदलकर करोड़ों रुपये का धंधा किया जा रहा है।

सरकार की चुप्पी पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सरकार के जिम्मेदार लोगों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि जनता सब समझ रही है और जल्द ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

‘सरकार बदली, लेकिन व्यवस्था नहीं’

राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि छत्तीसगढ़ में शराब को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। विपक्ष का कहना है कि सत्ता बदलने के बावजूद सिस्टम में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है।

यही वजह है कि अब यह सवाल उठने लगा है—क्या छत्तीसगढ़ में सरकार बदलती है, लेकिन शराब कारोबार से जुड़े विवाद और कथित घोटाले वहीं के वहीं रह जाते हैं?

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