मध्यप्रदेश के रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान क्षेत्र में इस वर्ष की खरीफ फसल बेमौसम बारिश की मार झेलते हुए पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। खेतों में लगी धान और अन्य फसलें जलभराव और लगातार हुई वर्षा से नष्ट हो गईं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि वे पूरे साल मेहनत करने के बाद भी अब कर्ज और भूखमरी की कगार पर हैं।
क्षेत्रीय किसान संगठनों और कांग्रेस के किसान नेताओं ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया है कि बार-बार फसलें बर्बाद होने के बावजूद प्रशासन और राज्य सरकार की उदासीनता जारी है। किसानों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर राहत कार्य न के बराबर हैं।
इसी मुद्दे को लेकर किसान संगठन और कांग्रेस नेता आगामी 03 नवंबर 2025, सोमवार को सुबह 11 बजे, रायपुर कर्चुलियान SDM कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस ज्ञापन में प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराए जाने और मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की जाएगी।
इस कार्यक्रम में एडवोकेट पदमदीप शुक्ला, कांग्रेस नेता हरिशंकर शुक्ला, किसान नेता उमेश सिंह सहित कई अन्य किसान व ग्रामीण शामिल होंगे। किसानों का कहना है कि यह केवल फसल का नुकसान नहीं बल्कि उनके जीवन, भविष्य और मेहनत पर सीधा प्रहार है।
किसान संगठनों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राहत नहीं दी गई, तो वे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। उनका कहना है कि सरकार की यह चुप्पी और लापरवाही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान वर्ग दोनों को कमजोर कर रही है। ज्ञापन और आंदोलन के जरिए किसान अब सरकार को उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराने के लिए तैयार हैं।







