रायपुर।छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। 23 जनवरी से 23 अगस्त तक केवल 8 महीनों में ही हत्या के 26 मामले दर्ज किए गए है। यह चिंता का विषय है कि कमिश्नरेट लागू होने के बाद भी हत्या का सिलसिला लगातार जारी है।
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में यह चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला मई और अगस्त में देखने को मिला है। इन महीने में 6-6 हत्या के मामले दर्ज किये गए है। वहीं मार्च और अप्रैल में 4-4 मामले सामने आए।

हत्या के इन मामलों ने रायपुर कमिश्नरेट पर अपराध नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए है। हत्या जैसे अपराध का पैराग्राफ नीचे आने का नाम नहीं ले रहा है।
RTI के जवाब में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा सिर्फ आंकड़े ही उपलब्ध हो पाए है। इनमें हत्या का कारण, आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच की स्थिति और मामलों के निपटारे से जुड़ी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दिए गए है।
राजधानी में इन 26 मामलों ने ही पुलिस कमिश्नरेट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। सवाल सिर्फ अब आंकड़ों का नहीं रह गया है। कमिश्नरेट लागू होने के बाद भी अपराध पर नियंत्रण नहीं हो पाना इस सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।





