रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना इलाके में स्थित ब्लू वॉटर टैंक में डूबे युवक आदिल खान का तीसरे दिन भी कोई पता नहीं चल पाया है। आदिल की तलाश में SDRF के साथ NDRF की टीम भी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। खदान में पानी काफी गहरा होने के कारण टीम को तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के अंदर और आसपास के इलाके में लगातार सर्चिंग की जा रही है। वहीं, आदिल के परिजन बेसब्री से उसके मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
दोस्तों के साथ पानी में तैरने उतरा था आदिल
बताया जा रहा है कि आदिल अपने दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर टैंक घूमने गया था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी में तैरने और खदान को पार करने की शर्त लगी। इसके बाद आदिल एक दोस्त के साथ पानी में उतर गया। दोनों तैरते हुए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद आदिल थक गया और अचानक पानी में डूब गया। पूरी घटना उसके दोस्तों के मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
पहले SDRF, फिर NDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही माना पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू की। पहले दिन रात होने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। इसके बाद NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची और दोनों टीमें मिलकर तलाश में जुट गईं। हालांकि, दूसरे और तीसरे दिन की सर्चिंग के बाद भी आदिल का कोई सुराग नहीं मिला।
खदान की गहराई बनी बड़ी चुनौती
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी परेशानी पानी की गहराई है। बताया जा रहा है कि ब्लू वॉटर टैंक में पूरे साल पानी भरा रहता है, इसलिए इसकी सही गहराई का पता लगाना भी मुश्किल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक खदान की गहराई करीब 300 से 500 फीट तक हो सकती है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
आदिल के नहीं मिलने से उसके माता-पिता और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। लगातार तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने से परिजन काफी परेशान और नाराज हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी भी जताई।
कांग्रेस ने रेस्क्यू ऑपरेशन पर उठाए सवाल
आदिल का पता नहीं चलने पर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन और NDRF की रेस्क्यू व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आदिल के करीब 300 फीट नीचे होने की आशंका है, जबकि मौके पर टीम करीब 80 फीट तक ही नीचे जाकर तलाश कर पा रही है। कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा भी लिया।
मौके पर लोगों की भीड़
रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए ब्लू वॉटर टैंक के आसपास बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए हैं। खतरे के बावजूद कई लोग खदान के किनारे खड़े होकर सर्चिंग देख रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खदान में पहले भी कई युवाओं की डूबने से मौत हो चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
ब्लू वॉटर टैंक दरअसल एक पुरानी पत्थर की खदान है, जिसमें पानी भरने के बाद यह जगह पर्यटन स्थल जैसी नजर आने लगी है। खदान काफी गहरी है, लेकिन इसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और घेरा नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लगातार हादसों के बावजूद यहां सुरक्षा को लेकर अब भी चिंता बनी हुई है।





