राजमहंत पद पर महाभारत: बघेल vs रुद्रकुमार, कौन असली कौन फर्जी?

Madhya Bharat Desk
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बेमेतरा, छत्तीसगढ़ (8 अप्रैल 2026): छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ क्षेत्र में सतनामी समाज के राजमहंत पद को लेकर भूचाल आ गया है। विजय बघेल और गुरु रुद्रकुमार के बीच खुली जंग छिड़ गई है, जहां सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर तीखे हमले बोले हैं। एक तरफ इस्तीफे का दावा, दूसरी तरफ निष्कासन का ऐलान—यह विवाद सतनामी समाज से लेकर राजनीतिक गलियारों तक गूंज रहा है।

विजय बघेल ने अपने फेसबुक पोस्ट में जोरदार धमाका किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने राजमहंत पद से खुद ही इस्तीफा दे दिया है। नशा-पान में लिप्त लोगों पर सीधी चोट करते हुए बघेल ने कहा, “जो खुद नशे के आगोश में हैं, वे समाज को दिशा नहीं दे सकते। ऐसे फर्जी गुरुओं को कभी मत मानना!” अप्रत्यक्ष रूप से गुरु रुद्रकुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने गुरु घासीदास जी के उपदेशों का हवाला दिया, जो सतनामी समाज की नींव हैं।

लेकिन मुकाबले में गुरु रुद्रकुमार ने पलटवार किया। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जारी पोस्ट में साफ कहा गया: “विजय बघेल, निवासी नवागढ़ (बेमेतरा) को राजमहलंत पद से निष्कासित कर दिया गया है।” यह सख्त आदेश जगद्गुरु गुरु गद्दीनशीन गिरौदपुरी, अमृतधाम खंडवा की ओर से जारी बताया गया। रुद्रकुमार समर्थकों का कहना है कि बघेल ने नियम तोड़े, इसलिए यह कदम जरूरी था।

दोनों दावों से भ्रम गहरा गया—क्या बघेल ने इस्तीफा दिया या उन्हें ठुकरा दिया गया? सतनामी समाज में यह लड़ाई जातिगत एकता को चुनौती दे रही है। स्थानीय धार्मिक और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ी है, जहां कुछ लोग इसे सत्ता की जंग बता रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्ष चुप्पी साधे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर आग लगी हुई है। आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार जारी।

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