बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा बेहद भयावह होता जा रहा है। हाईकोर्ट में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में पूरे प्रदेश में 15,484 सड़क हादसे हुए, जिनमें 6,967 लोगों की मौत हुई और 13,156 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।साल 2026 में केवल 31 मई तक (5 महीनों) में 6,891 दुर्घटनाओं में 3,170 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
हाईकोर्ट की फटकार: “क्या पुलिस का काम सिर्फ मवेशी हांकना है?”
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बढ़ते सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य शासन और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को फटकार लगाई है। अदालत ने पूछा कि, “क्या पुलिस का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या व्यवस्था बनाना?” हाईकोर्ट ने एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर, पुलिस अधिकारियों और सभी जिला कलेक्टरों को 10 दिनों के भीतर शपथ पत्र के साथ विस्तृत कार्ययोजना पेश करने का सख्त निर्देश दिया है।
कोर्ट कमिश्नर द्वारा पेश किए गए चौंकाने वाले आंकड़े
कोर्ट कमिश्नर (एडवोकेट रवींद्र शर्मा और अपूर्व त्रिपाठी) द्वारा पूरे प्रदेश से जुटाए गए अधिकृत आंकड़े हाईकोर्ट में पेश किए गए। आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि:
- साल 2025:15,484 सड़क हादसे, 6,967 मौतें, 13,156 घायल
- साल 2026 (31 मई तक):6,891 हादसे, 3,170 मौतें
- 2023 से 15 नवंबर 2025 तक: कुल 41,829 दुर्घटनाओं में 19,066 लोगों की मौत और 35,761 गंभीर घायल हुए
- जनवरी से अगस्त 2025 (8 महीने): 6,500 हादसों में 2,960 मौतें और 5,650 लोग घायल हुए
सरगुजा और कांकेर में गंभीर लापरवाही
आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ कि केवल सरगुजा जिले में एक साल में 300 से अधिक मौतें हुईं, फिर भी कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति की पूरे साल 2025 में महज 1 बैठक हुई। कांकेर जिले का भी यही आलम रहा, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। नियमों के मुताबिक हर महीने बुलाई जाने वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें कई जिलों में नहीं आयोजित की जा रही हैं।
रायपुर बना सबसे बड़ा डेथ जोन
राजधानी रायपुर प्रदेश का सबसे खतरनाक इलाका बन गया है। हाईकोर्ट में प्रदेश के 10 सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स की सूची सौंपी गई है, जिनमें से 7 अकेले रायपुर जिले में हैं:
- सिलतरा से निको गेट धरसींवा (रायपुर): 1 साल में 19 मौतें
- पाली से गझरा नाला कोरबा: 22 हादसों में 17 लोगों की जान गई
- अन्य संवेदनशील क्षेत्र: रायपुर के तेलीबांधा, नेवरा, आरंग और खरोरा क्षेत्र ब्लैक स्पॉट घोषित किए गए हैं।
- प्रमुख कारण: तेज रफ्तार, लापरवाही और बेसहारा मवेशी
ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हादसों का सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार और लापरवाही बताई जा रही है। इसके अलावा, नेशनल हाईवे पर बेसहारा मवेशियों के जमावड़े और बेलगाम ओवरलोडिंग भी हादसों के प्रमुख कारण हैं।
पिछले वर्षों के आंकड़े
- 2024 में:14,857 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 6,945 लोगों की मौत हुई।
- 2025 में:15,318 हादसे हुए, 6,728 मौतें और 13,135 घायल हुए
- पिछले छह वर्षों में: 79,523 घटनाओं में 33,700 से अधिक लोगों की जान गई तथा 70,255 लोग घायल हुए
आगे की कार्रवाई
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने और नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





