दुर्ग जिले में नकली नोटों के जरिए लोगों को ठगने वाले एक दंपति को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पति-पत्नी ने यूट्यूब से नकली नोट छापने का तरीका सीखा और फिर स्थानीय साप्ताहिक बाजारों में इन्हें खपाने लगे। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 1 लाख 70 हजार रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर और बॉन्ड पेपर जब्त किया है।
मामला दुर्ग जिले के रानीतराई थाना क्षेत्र का है, जहां ग्रामीण इलाकों के साप्ताहिक बाजारों में लगातार नकली नोट चलने की शिकायतें मिल रही थीं। शनिवार को आरोपी दंपति सब्जी खरीदने बाजार पहुंचे और भुगतान के दौरान नकली नोट देने लगे। व्यापारियों को शक हुआ, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने व्यापारियों की मदद से दोनों को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान रायपुर के मुजगहन निवासी अरुण तुरंग और उसकी पत्नी राखी तुरंग के रूप में हुई। दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट तैयार करने की प्रक्रिया सीखी थी। इसके बाद ऑनलाइन माध्यम से कलर फोटो कॉपी प्रिंटर और हल्के किस्म का बॉन्ड पेपर मंगाकर घर पर ही नकली नोट छापने लगे।
आरोपियों ने पहले पाटन क्षेत्र में नकली नोट चलाए और फिर 100, 200 और 500 रुपये के जाली नोटों को ग्रामीण बाजारों में खपाने लगे। दुर्ग जिले के एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि आरोपी जिस कागज का उपयोग कर रहे थे, वह बेहद हल्का था, जिससे नकली नोटों की पहचान संभव हो सकी।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अरुण तुरंग पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है। पारिवारिक कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते पति-पत्नी ने मिलकर यह आपराधिक योजना बनाई थी। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया गया है।



