महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर वन विभाग का बड़ा एक्शन, बाघों के शिकारी गिरफ्तार

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सेफ पैसेज’ के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) की एंटी-पोचिंग टीम ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर सक्रिय अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस संयुक्त अभियान में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की मुंबई और भोपाल इकाइयों, राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड, पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल तथा गरियाबंद पुलिस ने भी सहयोग किया।

कार्रवाई के दौरान महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से बाबूराव मडावी और बिजेश्वर गेडाम को दो बाघों की खाल और एक मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पश्चिम परलकोट परिक्षेत्र, जिला कांकेर में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वहीं इंद्रावती टाइगर रिजर्व की टीम ने बीजापुर जिले के नेटीवाड़ा गांव से तुलसीराम मझ्जी नामक एक शिकारी को भी गिरफ्तार किया।

जांच के दौरान आरोपी बिजेश्वर गेडाम के घर से करीब 5 किलोग्राम पैंगोलिन (साल) के शल्क बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों मुख्य आरोपी महाराष्ट्र पुलिस विभाग से जुड़े कर्मचारी हैं। अधिकारियों के अनुसार बरामद बाघों का शिकार इंद्रावती टाइगर रिजर्व-अबूझमाड़ क्षेत्र में किया गया था, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है।

वन विभाग के अनुसार यह अभियान गढ़चिरौली, इंद्रावती, अबूझमाड़, उदंती-सीतानदी और सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य को जोड़ने वाले करीब 400 किलोमीटर लंबे बाघ गलियारे की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी प्राकृतिक गलियारे का उपयोग बाघ, एशियाई हाथी, गौर, जंगली भैंसा समेत कई वन्यजीव सुरक्षित आवागमन और आनुवंशिक संपर्क बनाए रखने के लिए करते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की पहली बड़ी सफलता नहीं है। वर्ष 2023 में भी एंटी-पोचिंग टीम ने महाराष्ट्र और बीजापुर में संयुक्त कार्रवाई कर कई शिकारियों को गिरफ्तार किया था तथा दो बाघों की खाल जब्त की थी। वहीं अप्रैल 2026 में अबूझमाड़-दंतेवाड़ा क्षेत्र में नौ विशाल भारतीय गिलहरियों का शिकार करने वाले एक शिकारी को भी गिरफ्तार किया गया था।

वन विभाग का कहना है कि खुफिया सूचना आधारित कार्रवाई, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और वैज्ञानिक रणनीति के कारण संगठित वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो रहा है। विभाग ने वन्यजीव अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की बात कही है।

इसी माह इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों के शिकार की घटना के बाद हुई इस कार्रवाई पर वन मंत्री केदार कश्यप, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय, मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव तथा उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम को बधाई दी गई है। संदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई वन्यजीव तस्करों पर बड़ा प्रहार है और प्रदेश को हर प्रकार के अपराध से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूरी टीम को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएं भी दी गई हैं।

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