रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पांडे की पहल और निगरानी में नवा रायपुर स्थित नंदनवन चिड़ियाघर की बीमार बाघिन ‘शेरनी’ को बेहतर चिकित्सा उपचार के लिए गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड केयर सेंटर भेजा गया है।
बाघिन ‘शेरनी’ पिछले कई हफ्तों से अस्वस्थ थी और उसे भोजन करने में कठिनाई हो रही थी। स्थानीय पशु चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में गुर्दे और गर्भाशय संक्रमण (पायोमीट्रा) की पुष्टि की। स्थिति गंभीर होती देख प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने तत्काल वन मंत्री केदार कश्यप को इसकी जानकारी दी और विशेषज्ञ उपचार के लिए वनतारा सेंटर से सहयोग मांगा।
अरुण कुमार पांडे के निर्देश पर जामनगर स्थित वनतारा के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रायपुर बुलाई गई। टीम ने 10 दिनों तक ‘शेरनी’ का इलाज किया, लेकिन अपेक्षित सुधार न होने पर उसे जामनगर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्वयं पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से अनुमति प्राप्त कराई।
7 अक्टूबर को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल की मदद से गाड़ी संख्या 12834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस में बाघिन को विशेष पार्सल वैन (SLRD) से सुरक्षित रूप से रवाना किया गया। इस दौरान पशु चिकित्सकों और वन विभाग की विशेषज्ञ टीम बाघिन के साथ मौजूद रही।
अरुण कुमार पांडे ने कहा, “वन्यजीवों की सुरक्षा और उपचार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वनतारा में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं हैं, जहां बाघिन ‘शेरनी’ का समुचित इलाज संभव होगा। हमें विश्वास है कि वह शीघ्र स्वस्थ होकर वापस लौटेगी।”
वनतारा (Vantara), मुकेश अंबानी परिवार द्वारा संचालित देश का सबसे आधुनिक वन्यजीव उपचार और पुनर्वास केंद्र है। यहां दुर्लभ और बीमार जंगली जानवरों का उन्नत तकनीक से इलाज किया जाता है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने भी इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि अरुण कुमार पांडे के नेतृत्व में वन विभाग ने जिस संवेदनशीलता और तत्परता से काम किया है, वह राज्य के वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक उदाहरण है।







