रायपुर।प्रदेश में जल जीवन मिशन से जुड़े ठेकेदार गणेश्वर जंघेल के आत्महत्या के बाद ठेकेदार संघ का गुस्सा चरम पर पहुंच चुका है। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह और ठेकेदार भी आत्महत्या कर सकते है। आरोप है कि मिशन के भ्रष्ट अधिकारियों ने ठेकेदारों के भुगतान को सालों से लंबित रखा है। आक्रोशित ठेकेदारों ने 6 जुलाई को नीर भवन रायपुर का बड़ी संख्या में घेराव करने का ऐलान किया है।
जानकारी के मुताबिक जल जीवन मिशन के भ्रष्ट अधिकारियों ने सिंगल विलेज के ठेकेदारों का भुगतान लंबे समय से नहीं किया है और जानबूझकर भुगतान रोककर रखा गया है, बार बार मांग करने के बावजूद उनको अनदेखा किया जाता है। आरोप है कि मिशन के अधिकारी इतने लापरवाह हो गए है कि हर बार एग्रीमेंट से अलग नए नए नियम निकालते है जिसका खामियाजा ठेकदारों को भुगतना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार ऐसे और भी ठेकेदार है जो भुगतान नहीं मिलने के चलते कर्ज के बोझ तले दबे हुए है और आत्मघाती कदम उठा सकते है। स्थिति ऐसे बन गई है कि ठेकेदारों को खुद अपने ही घर में ऋणदाता के डर से चोरी छुपे जाना पड़ रहा है। ठेकेदार मानसिक रूप से परेशान हो चुके है।
कहा जा रहा है कि गणेश्वर जंघेल ने आत्महत्या से पहले सोसाइड नोट भी लिखा था जिसमें भुगतान का लंबित होने को कारण बताया गया है। इससे पहले अंबिकापुर में एक ठेकेदार ने पत्र लिखकर प्रशासन को सौंपा था कि वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर है जिसके बाद से प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनका भुगतान जल्द किया जाएगा और उनको आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने से रोका था।
ठेकेदारों का कहना है कि जल जीवन मिशन के अधिकारी अपने फायदे के लिए मल्टी विलेज और बड़े चहेते ठेकेदारों का जरूरत से ज्यादा भुगतान किए है क्योंकि उनको इन ठेकेदारों से कमीशन ज्यादा मिलती थी। यदि अधिकारी सिंगल विलेज के ठेकेदारों का भुगतान समय पर करते तो शायद छत्तीसगढ़ में जल की समस्या कही देखने को नहीं मिलती।
अब ठेकेदार गणेश्वर जंघेल की आत्महत्या के बाद ठेकेदारों में आक्रोश तेज हो गया है और नीर भवन रायपुर का 6 जुलाई को घेराव करने का ऐलान किये है और यह भी कहा है कि यदि उनकी मांगों को नहीं सुनी जाती तो आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप में देखने को मिलेगा।






