बकावंड।किसानों को बिजली खर्च से राहत देने के लिए शासन ने सोलर पंप सिंचाई योजना शुरू की थी, लेकिन बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड में इस योजना की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। किसानों को सरकारी योजना के तहत दिए गए सोलर पंप, प्लेटें, केबल और दूसरे उपकरणों की अवैध खरीद-बिक्री का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक बिचौलिये किसानों से ये सामान खरीदकर उड़ीसा में बेच रहे हैं।
बकावंड विकासखंड के कई गांवों में किसानों के खेतों और बाड़ियों में सिंचाई के लिए शासन की तरफ से सोलर पंप, सोलर प्लेटें, केबल और अन्य उपकरण लगाए गए थे। इसका मकसद था कि किसानों की खेती की लागत कम हो, आमदनी बढ़े और बिजली नहीं रहने पर भी सिंचाई प्रभावित न हो।
लेकिन अब कुछ बिचौलिये शासन की इस योजना पर पानी फेर रहे हैं। आरोप है कि वे किसानों से सोलर पंप, प्लेटें, केबल और दूसरे उपकरण खरीदकर पड़ोसी राज्य उड़ीसा में बेच रहे हैं। पिछले कुछ समय से बकावंड क्षेत्र के कई गांवों से सरकारी योजना के तहत मिले सोलर उपकरण बड़ी संख्या में इकट्ठा कर ओडिशा भेजे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब तक सैकड़ों सोलर उपकरण उड़ीसा में खपाए जा चुके हैं।
इस पूरे खेल में दो लोगों के नाम सामने आए हैं— बड़े देवड़ा निवासी शोभा कश्यप और भिरेंडा क्षेत्र के कलासुंदर। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये दोनों किसानों से सोलर उपकरण खरीदने-बेचने में बिचौलिये की भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार लाखों रुपये खर्च कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए सोलर पंप उपलब्ध कराती है। अगर इन्हें दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है तो यह सिर्फ सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग नहीं, बल्कि योजना के मकसद को पूरी तरह विफल करने वाला काम है।
मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज है। ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कराएंगे मामले की जांच
सरकारी योजना के तहत किसानों को दिए गए सोलर उपकरणों की अवैध बिक्री या दूसरे राज्य में भेजे जाने की शिकायत गंभीर है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी। शासन की योजनाओं का दुरुपयोग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। – मनीष वर्मा (एसडीएम, बकावंड)





