बाघ की खाल तस्करी का बड़ा खुलासा, छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर 2 आरोपी गिरफ्तार

Madhya Bharat Desk
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रायपुर/भानुप्रतापपुर।छत्तीसगढ़ वन विभाग को वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र से बाघ की दो खालों के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बाघ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्यजीव है।

सीमा पर घेराबंदी कर दबोचा गया

यह कार्रवाई पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल के बांदे परिक्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्येश्वर और बाबूराव के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के रहने वाले हैं। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से बाघ की खालों को अवैध रूप से ले जा रहे थे। इसी दौरान वन विभाग और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

केंद्रीय और राज्य एजेंसियों का संयुक्त ऑपरेशन

इस ऑपरेशन को कई सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बेहतर तालमेल से अंजाम दिया गया। इसमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

• वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) उत्तरी क्षेत्र • वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) केंद्रीय क्षेत्र • राज्य उड़नदस्ता दल, छत्तीसगढ़ वन विभाग • एंटी पोचिंग यूनिट, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) • स्थानीय वन अमला, भानुप्रतापपुर

आरोपी जेल भेजे गए, जांच जारी

गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग अब इस अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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