जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात में नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई लेजर लाइट परियोजना अब सवालों में घिर गई है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से लगाया गया यह सिस्टम सालों बाद भी चालू नहीं हो पाया है। दो-तीन बार ट्रायल जरूर हुआ, लेकिन आज तक इसका नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका।
जानकारी के मुताबिक, लेजर लाइट लगाने वाले ठेकेदार ने सिस्टम किसी भी विभाग को आधिकारिक तौर पर हैंडओवर ही नहीं किया। इसी वजह से रखरखाव नहीं हो सका और अब कई लाइटें व उपकरण गायब हो चुके हैं। लेजर शो में इस्तेमाल होने वाली बैटरियां भी अब वहां नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि इस परियोजना का आज तक औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ।
आज भी पर्यटकों के स्वागत के लिए लगाए गए पोल वहां खड़े हैं, लेकिन उनमें रोशनी नहीं जलती। पर्यटकों का कहना है कि अगर यह लेजर शो शुरू हो जाए तो रात के समय चित्रकोट की खूबसूरती और भी निखर सकती है, जिससे देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि करोड़ों रुपये की यह परियोजना सालों से बंद पड़ी है, जो सरकारी पैसों की सीधी बर्बादी है।
अब बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों की यह महत्वाकांक्षी योजना आखिर कब अंधेरे से बाहर निकलकर पर्यटकों के लिए रोशनी बनेगी।






