रायपुर।छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन योजना के एक ठेकेदार ने आत्महत्या कर लिया है। बताया जा रहा है कि उनका भुगतान लंबे समय से संबंधित अधिकारियों ने रोककर रखा था और वह अपने घर का खर्च कर्जा करके चला रहा था और मानसिक रूप से परेशान होकर उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
प्रदेश में जल जीवन मिशन में कार्यरत दुर्ग का एक ठेकेदार गणेश्वर देशमुख जिनका भुगतान लंबे समय से नहीं मिलने पर उन्होंने आत्महत्या कर लिया। आरोप है कि जल जीवन मिशन के अधिकारियों ने जानबूझकर उनका भुगतान रोककर रखा और अपने चहेते बड़े ठेकेदारों को जरूरत से ज्यादा भुगतान किया है। बताया जा रहा है कि गणेश्वर देशमुख अपने घर का खर्चा कर्जा करके चला रहे थे, धीरे-धीरे उनपर कर्जे का बोझ बढ़ने लगा और मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसे कदम उठाया।
8-10 ठेकेदारों और उठा सकते है आत्मघाती कदम
प्रदेश के ठेकेदार संघ द्वारा यह आशंका जताई जा रही है कि इस मिशन में काम करने वाले 8 से 10 ठेकेदार और ऐसे आत्महत्या जैसे कदम उठा सकते है क्योंकि उनपर भी इसी तरह का आर्थिक बोझ है और अधिकारियों द्वारा जानबूझकर भुगतान रोका गया है। संघ का कहना है कि एक साल से ज्यादा हो गया है भुगतान जानबूझकर विभाग के अधिकारियों ने रोक रखा है।
एमडी बनाता था नए नए नियम
एमडी पर आरोप है कि वे नए नए नियम निकालते है। भुगतान करने के मामले में बिल्कुल भी फोकस्ड नहीं है, उनके द्वारा सिर्फ नए नए नियम निकालकर ठेकेदारों की मांग को अनदेखा किया जाता है। आरोप लग रहे है कि ठेकेदार कई बार भुगतान की मांग को लेकर एमडी से बात कर चुके है पर उनके द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती है उल्टा उनको प्रताड़ित किया जाता है और काम से बर्खास्त करने का धमकी दिया जाता है।
अधिकारियों को मंत्री का संरक्षण?
ठेकदारों का आरोप है कि गणेश्वर देशमुख का आत्महत्या का कारण विभाग के अधिकारी और खुद मंत्री भी है क्योंकि कहीं न कहीं इन अधिकारियों को मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। मंत्री भी उनके मांगो पर ध्यान नहीं देते और उन्हें अनसुना कर उनको अनदेखा कर देते है। वे सिर्फ मंचों पर लंबे लंबे भाषण देते है उनके विभाग में क्या हो रहा है पता होते हुए भी अनदेखा करते है।
प्रदेश में महाआंदोलन का ऐलान
ठेकेदार गणेश्वर देशमुख के आत्महत्या ने पूरे प्रदेश के ठेकेदार संघ को झकझोर कर रख दिया है। संघ अधिकारियों के प्रताड़ना से आक्रोशित हो चुके है अब पूरे ठेकेदार संघ ने मिलकर बड़ा जनआंदोलन करने का ऐलान किया है। ठेकेदारों ने कहा कि नीर भवन रायपुर के सामने ठेकदार संघ का महाआंदोलन किया जाएगा और जब तक सभी ठेकेदारों का नियमित भुगतान नहीं मिल जाता तब तक यह महाआंदोलन जारी रहेगा।





