केदार कश्यप की पहल, छत्तीसगढ़ में सहकारिता को मिलेगा जनआंदोलन का स्वरूप

Madhya Bharat Desk
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जगदलपुर। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के 5 साल पूरे होने के मौके पर 29 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश में “सहकारिता सप्ताह-2026” मनाया जाएगा। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के जरिए किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज जगदलपुर सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि सहकारिता सप्ताह को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम बनाकर नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जनभागीदारी से जोड़कर बड़े अभियान के रूप में चलाया जाएगा। राज्य के हर जिले, विकासखंड और सहकारी समिति स्तर तक कार्यक्रम होंगे, ताकि किसानों, युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, लघु वनोपज संग्राहकों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों को सहकारिता आंदोलन से जोड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि “सहकार से समृद्धि” केवल नारा नहीं, बल्कि राज्य सरकार की कार्यशैली का आधार है। सरकार का उद्देश्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।

मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश की 2573 प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर और अन्य सहकारी समितियों में सहकारी ध्वजारोहण, सदस्यता अभियान, माइक्रो एटीएम, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और रूपे केसीसी कार्ड वितरण, सहकार दौड़, वृक्षारोपण, मृदा परीक्षण, किसान संगोष्ठियां और एफपीओ व पैक्स की भूमिका पर चर्चा जैसे कई जनहितकारी कार्यक्रम होंगे।

उन्होंने बताया कि 3 और 4 जुलाई को रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह और सहकारी संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप करेंगे।

कार्यक्रम में पैक्स, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज, बुनकर और अन्य सहकारी संस्थाओं के साथ नाबार्ड, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नैफेड, सीएससी, इफको, कृभको और राज्य सहकारी संघ जैसी कई राष्ट्रीय संस्थाएं भी हिस्सा लेंगी।

दिखेगी सहकारिता की ताकत

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सहकार मेले में सिर्फ योजनाओं और आंकड़ों की जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि सहकारिता से लाभ पाने वाले किसानों, महिला समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की सफलता की कहानियां भी सामने लाई जाएंगी। साथ ही मूल्य संवर्धन, डिजिटल सेवाएं, आधुनिक तकनीक, नवाचार और बेहतर मार्केटिंग मॉडल भी दिखाए जाएंगे, ताकि आम लोग सहकारिता की असली ताकत और उसके सकारात्मक असर को समझ सकें।

उन्होंने बताया कि सहकारिता सप्ताह के समापन पर 6 जुलाई को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के तहत छत्तीसगढ़ की 9 पैक्स समितियों में गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की भंडारण व्यवस्था और मजबूत होगी।

मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि सहकारिता सप्ताह की तैयारियों को लेकर वे पहले ही विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले चुके हैं। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की पैक्स समितियों और संभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए जा चुके हैं।

उन्होंने सभी सहकारी संस्थाओं से आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाने और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने सहकारिता विभाग द्वारा किसानों, ग्रामीणों और सहकारी समितियों को मजबूत बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं, डिजिटल पहल और भविष्य की कार्ययोजना की भी विस्तार से जानकारी दी।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जगदलपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, सहकारिता विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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