संसद को खरीद-फरोख्त की मंडी बना दिया है: भूपेश बघेल

Madhya Bharat Desk
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दुर्ग। दुर्ग में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बचाने और बढ़ाने के लिए जनादेश का सम्मान नहीं किया जा रहा है। सांसदों की खरीद-फरोख्त के जरिए लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच संसद को मंडी में बदल दिया गया है।

भूपेश बघेल ने कहा कि जिस राजनीतिक दल को पिछले चुनाव में केवल 822 वोट मिले थे, आज वही लोकसभा में बड़ी ताकत बनकर सामने आ रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया।

उन्होंने कहा कि सरकार के पास बुजुर्गों की पेंशन देने और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों का वेतन चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को अपने पक्ष में करने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं दिखाई देती।

प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, रिसाली की महापौर शशि सिन्हा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा दौर भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बन गया है। भाजपा के “12 साल बेमिसाल” अभियान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि नोटबंदी, त्रुटिपूर्ण जीएसटी और कोरोना महामारी के दौरान बिना तैयारी के लगाए गए लॉकडाउन जैसे फैसलों ने करोड़ों लोगों की जिंदगी प्रभावित की।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीति की वजह से देश रिकॉर्ड स्तर की महंगाई का सामना कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे दुनिया में भारत की छवि भी प्रभावित हुई है।

भूपेश बघेल ने नीट परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।

राज्य के मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की दरें लगातार बढ़ाई जा रही हैं और नई सरकार बनने के बाद पांचवीं बार बिजली महंगी की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

उन्होंने स्मार्ट मीटरों में आ रही गड़बड़ियों और बढ़े हुए बिजली बिलों पर भी सवाल उठाए। अयोध्या के राम मंदिर परिसर में हुई चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना एफआईआर दर्ज किए जांच शुरू होना कई सवाल खड़े करता है और इससे मामले को छिपाने की आशंका पैदा होती है।

नक्सलवाद के मुद्दे पर भी भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि प्रदेश पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है तो अंदरूनी इलाकों से पैरामिलिट्री बलों के कैंप क्यों नहीं हटाए जा रहे। उन्होंने सवाल किया कि जब खतरा खत्म हो गया है तो नेताओं और अधिकारियों को आज भी जेड प्लस जैसी सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि केवल दावे करने से नक्सलवाद खत्म नहीं होगा, इसके लिए जमीन पर प्रभावी काम करना होगा।

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