प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन का बात करते और मंचों पर बड़े बड़े दावे करते फिरते है पर उनका यह सुशासन की बात उनके ही गृह जिले की स्थिति देखकर साफ हो जाती है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में सड़कों की हालत प्री मानसून के शुरुआत में ही सामने आने लगे है। बरसात के पहले ही दिन में लोगों को आने जाने के लिए तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गाड़ियों का तो क्या कहे, लोग वहां से पैदल चलकर भी नहीं जा पा रहे।
पिछले वर्ष जशपुर जिले में कई सड़कों के लिए राशि स्वीकृति हो चुकी है बावजूद इसके सड़क निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है. लोगो का कहना है कि प्रदेश की विकास तो दूर की बात है, साय सरकार खुद के जिले में सड़क का निर्माण तक नहीं करवा पा रहे। लोग सवाल उठा रहे है कि सुशासन का ढोंग करना उनको बंद कर देना चाहिए।
अब बरसात के दिन में तो सड़क का निर्माण नहीं हो सकता मतलब साफ है मुख्यमंत्री के गृह जिले के लोगो को इन परेशानियों को साथ लेकर चलना पड़ेगा। आरोप है कि सरकार ऐसे कार्यों पर सिर्फ आश्वासन ही देते रह जाते है, राशि स्वीकृति होने के बाद जाती कहां है इसका तो प्रदेश की जनता अंदाजा नहीं लगा सकते।
विष्णु के सुशासन पर अब कई तरह का सवाल खड़े हो रहे है कि मुख्यमंत्री खुद अपने गृहजिले में लोगो के सुविधा को नजरअंदाज कर रहे है तो प्रदेश के बाकी जिलों का विकास कैसे करेंगे? सवाल उठ रहे है कि सुशासन सिर्फ नाममात्र है, सुशासन का स तक प्रदेश में कहीं दिखाई नहीं दे रहा उल्टा लोगो को अपने ही सुविधाओं के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।







