राज्यसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल करने जा रहे है क्या इस विस्तार में छत्तीसगढ़ के सांसदों को भी प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा और अगर मिलेगा तो किस आधार पर मिलेगा।
18 जून को राज्यसभा चुनाव संपन्न हो जाएगा उसके बाद केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी टीम में नए चेहरों को शामिल कर सकते हैं।
इसी बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या इस संभावित विस्तार में छत्तीसगढ़ के सांसदों को भी प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा। अगर मौका मिलता है तो चयन का आधार क्या होगा—जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन, संगठन में अनुभव या फिर नेतृत्व क्षमता?
बता दें कि छत्तीसगढ़ में कुल 10 सांसद है जिसमें से एक राज्यमंत्री है। माना जा रहा है राज्यमंत्री तोखन साहू का पिछले ढाई वर्षों में कार्यकाल संतोष जनक नहीं रहा है और नगरीय एवं शहरी विकास को लेकर जिस तरह से छत्तीसगढ़ के जनता ने भरोसा जताया था कि उनके नेतृत्व में नगरीय और शहरी कार्यों में लाभ होगा वे जनता के भरोसा पर खरा नहीं उतर पाए इसलिए चर्चा है कि उनको प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदेश में किसी वरिष्ठ और अनुभवी नेता को प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद बताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में आमतौर पर क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और प्रशासनिक अनुभव जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या छत्तीसगढ़ से किसी सांसद को केंद्र की टीम में जगह मिलती है या नहीं।





