जिले के बिल्हा विकासखंड शिक्षा कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 विकास तिवारी को ड्यूटी में लापरवाही, अनधिकृत अनुपस्थिति और उपस्थिति पंजी में कथित हेराफेरी के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकास तिवारी के खिलाफ लंबे समय से कार्य में अनियमितता, अनुशासनहीनता और कार्यालयीन दायित्वों के प्रति उदासीनता की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर की गई विभागीय जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।
जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित कर्मचारी कई अवसरों पर बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहे और अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं कर रहे थे। इसके अलावा सबसे गंभीर आरोप उपस्थिति पंजी में कथित छेड़छाड़ का है। विभागीय जांच में यह बात सामने आई कि अधिकारियों द्वारा उनकी अनुपस्थिति दर्ज किए जाने के बाद भी उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर में स्वयं हस्ताक्षर कर रिकॉर्ड में बदलाव करने का प्रयास किया।

शिक्षा विभाग ने इस कृत्य को सरकारी अभिलेखों में हस्तक्षेप तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान विकास तिवारी का मुख्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टैगनबाड़ा, विकासखंड कोटा निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी और अनाधिकृत अनुपस्थिति जैसी गतिविधियां किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






