प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर स्थित “छत्तीसगढ़ संवाद” को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्था को अब “भाजपा कार्यालय, नवा रायपुर” का बोर्ड लगा लेना चाहिए।
बघेल का आरोप है कि गुजरात की एजेंसियों के माध्यम से उनकी और अन्य कांग्रेस नेताओं की छवि खराब करने के लिए AI आधारित वीडियो का प्रोडक्शन हाउस बन गया है “छत्तीसगढ़ संवाद”। उनके मुताबिक यहां न केवल राजनीतिक कंटेंट तैयार हो रहा है, बल्कि अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स का संचालन और पोस्टिंग भी यहीं से की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद कमरों में भले ही यह कहा जाता हो कि “ये बात बाहर नहीं जानी चाहिए”, लेकिन “दीवारों के भी कान होते हैं।” उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ऐसा ही है तो कार्यकर्ताओं को खुलकर “खाकी पैंट और कमल का बिल्ला” पहन लेना चाहिए और कार्यालय का नाम भी बदल देना चाहिए।

अपने बयान के अंत में बघेल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “घड़ी रुकने से समय नहीं रुकता, सभी षड्यंत्रों का हिसाब होगा।”



