छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क, पुल और पुलिया निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों को सरकार के भुगतान रोक देने से भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के इंजीनियर इन चीफ विजय कुमार भतहरी की ओर से पांच दर्जन से अधिक ठेकेदारों का 150 से 200 करोड़ रुपये का भुगतान रोक दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, भुगतान मांगने वाले ठेकेदारों को ईएनसी लगातार धमका रहे हैं। ठेकेदारों को चेतावनी दी जा रही है कि यदि उन्होंने भुगतान के लिए दबाव बनाया तो उनका काम रद्द कर दिया जाएगा।
ईएनसी की सख्ती से ठेकेदारों में रोष
ईएनसी के इस रवैये से ठेकेदारों में भारी नाराजगी है। ठेकेदारों ने बताया कि वे जान जोखिम में डालकर नक्सल इलाकों में सड़क निर्माण कर रहे हैं, लेकिन उनका मेहनताना नहीं मिल रहा। मंगलवार को आरआरपी प्रोजेक्ट के अंतर्गत ठेकेदारों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में जब ठेकेदारों ने बकाया भुगतान को लेकर सवाल उठाए तो ईएनसी ने साफ कर दिया कि भुगतान नहीं किया जाएगा। ठेकेदारों को धमकाते हुए कहा गया कि वे अपने दावे वापस लें वरना कार्रवाई होगी।
पुराने भुगतान सिस्टम की मांग
ठेकेदारों ने मांग की है कि पिछली बार आरआरपी-2 योजना में जिस पद्धति से भुगतान होता था, वही पद्धति अपनाई जाए। उस समय बिल स्वीकृत होते ही भुगतान हो जाता था। अब बिल पास होने के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है।
विभाग ने जब काम रुकने पर ली सुध
ठेकेदारों ने जब काम रोक दिया तब विभाग हरकत में आया। इसके बाद अधिकारियों ने ठेकेदारों से बातचीत के लिए फिर से बैठक बुलाई। लेकिन बैठक में भी ठेकेदारों को भुगतान की कोई स्पष्ट गारंटी नहीं दी गई।
रूल्स रोड प्रोजेक्ट-3 की योजना
रूल्स रोड प्रोजेक्ट-3 के तहत बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किए जा रहे इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य दुर्गम इलाकों में सड़क सुविधा देना है। ईएनसी के आदेश के कारण फिलहाल सभी भुगतान रोक दिए गए हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो गया है।
सरकार की योजना केंद्र सरकार के रूल्स रोड प्रोजेक्ट-3 के तहत 150 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण करना था। लेकिन अब ठेकेदारों को लंबे समय से उनके बकाया का भुगतान नहीं मिल पा रहा है।


