रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल के बीच सबसे बड़ा झटका भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को लगा है। ओपी चौधरी सरकार की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाने और सोशल मीडिया पर डीएमएफ (जिला खनिज निधि) को लेकर वीडियो पोस्ट करने वाले रवि भगत को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह राहुल योगराज टिकरिहा को नया भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने रवि भगत को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी नेताओं के खिलाफ दुष्प्रचार किया। नोटिस में सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई हो सकती है।
रवि भगत लंबे समय से भाजपा युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं और उन्हें जुझारू, संघर्षशील और सीधी बात करने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से डीएमएफ राशि को गांवों में सड़क, पेयजल और अन्य विकास कार्यों में खर्च करने की मांग की थी। यही मुद्दा उनके पद से हटने की बड़ी वजह माना जा रहा है।
इस फेरबदल पर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में गुटबाजी और अविश्वास चरम पर है। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा, “किरन सिंहदेव के दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने के डेढ़ साल बाद कार्यकारिणी की घोषणा हुई है और सभी पुराने पदाधिकारियों को बदलना भाजपा में बढ़ते मतभेद का सबूत है।”
कांग्रेस का कहना है कि रवि भगत को हटाना सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आंतरिक राजनीति का नतीजा है, जिसमें असहमति रखने वालों को किनारे किया जा रहा है।



