आईपीएल सीजन के दौरान रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुंबई और भवानीपटना सहित कई स्थानों पर दबिश देकर कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 3 बड़े सट्टा पैनल नेटवर्क ध्वस्त किए हैं। इस पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग डीसीपी (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला द्वारा की जा रही थी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 अप्रैल को रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में अपना नाम मनदीप सिंह बताया। उसके मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन बेटिंग साइट्स के माध्यम से आईडी बनाकर सट्टा संचालित करने के प्रमाण मिले।
आगे पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसके अन्य साथी महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में रहकर इस नेटवर्क को चला रहे थे। गिरोह “3Stumps, बजरंग बुक और रेड्डी बुक” जैसे पैनलों के जरिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहा था।
पुलिस की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मुंबई, भवानीपटना और दुर्ग में रेड कार्रवाई की, जहां से कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 10 लैपटॉप, 87 मोबाइल फोन, 72 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 3 एलईडी, 3 वाई-फाई राउटर, 1 कार, सट्टे का हिसाब-किताब और ₹1,95,000 नगद बरामद किया गया। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग ₹60 लाख आंकी गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पिछले एक वर्ष से बैटिंग ऐप का संचालन कर रहे थे और पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल खातों (किराये के बैंक खातों) का उपयोग कर रहे थे।
बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है, जिस पर पुलिस द्वारा विस्तृत वित्तीय जांच की जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और बीएनएस की धाराओं के तहत थाना गंज में अपराध दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने आईपीएल के दौरान सट्टा गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और म्यूल खाताधारकों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।



