कोरबा शहर एक बार फिर सियासी हलचल के केंद्र में आ गया है। बालको क्षेत्र में छोटे दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए दिए गए नोटिस ने राजनीति का माहौल गरमा दिया है। इस मुद्दे ने न सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि नेताओं के बीच भी सीधा टकराव पैदा कर दिया है।
इस विवाद में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और वर्तमान शहर विधायक लखनलाल देवांगन आमने-सामने आ गए हैं। मामला अब सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गरीब दुकानदारों के भविष्य और उनके रोज़गार का सवाल बन गया है।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस मुद्दे पर खुलकर हमला बोलते हुए विधायक को उनके चुनावी वादों की याद दिलाई। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान गरीबों के हित की बात करने वाले नेता अब सत्ता में आते ही प्रबंधन के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे व्यापारियों की अनदेखी कर कंपनी का समर्थन किया जा रहा है, जिससे गरीबों का जीवन संकट में पड़ गया है।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले में विधायक लखनलाल देवांगन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। शहर में चर्चा है कि एक तरफ बड़ी कंपनी का दबाव है, तो दूसरी तरफ गरीबों का भरोसा ऐसे में संतुलन बनाना आसान नहीं है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सियासी खींचतान में किसकी जीत होती है, लेकिन असली चिंता उन छोटे दुकानदारों की है, जिनकी रोज़ी-रोटी इस फैसले पर टिकी हुई है। शहर की जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या गरीबों को राहत मिलेगी या राजनीति के शोर में उनकी आवाज़ दबकर रह जाएगी।







