संकट के बीच एयर इंडिया को बड़ा झटका: CEO कैंपबेल विल्सन ने दिया इस्तीफा

Madhya Bharat Desk
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भारत की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन सामने आया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एयरलाइन आर्थिक दबाव और ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही है। हालांकि कंपनी ने उनसे अनुरोध किया है कि वे नए सीईओ की नियुक्ति तक अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें, ताकि नेतृत्व में बदलाव बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।

बताया जा रहा है कि कंपनी ने जनवरी 2026 से ही नए सीईओ की तलाश शुरू कर दी थी, क्योंकि विल्सन पहले ही संकेत दे चुके थे कि वे अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाना चाहते। अब इस प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है और अगले हफ्ते इस पर अहम बैठक होने वाली है। जुलाई 2022 में कंपनी की कमान संभालने वाले विल्सन इससे पहले करीब 26 वर्षों तक सिंगापुर एयरलाइन्स से जुड़े रहे और वहां कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।

उनके कार्यकाल के दौरान एयर इंडिया में कई बड़े बदलाव देखने को मिले। कंपनी ने अपने बेड़े को बढ़ाने की दिशा में काम किया, कई व्यस्त रूट्स पर इंडिगो को कड़ी टक्कर दी और सबसे अहम रहा विस्तारा का सफल विलय, जिसे बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा किया गया। इसके बावजूद, इस समय एयर इंडिया कई चुनौतियों से घिरी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगे हैं, जिससे विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है और ईंधन खर्च बढ़ रहा है। इसके अलावा नए विमानों की सप्लाई में देरी और बढ़ती लागत भी कंपनी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।

इन सबके बीच 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (AI 171) के हादसे ने कंपनी को बड़ा झटका दिया था, जिसमें 241 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद कंपनी की छवि और संचालन दोनों पर असर पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है, जो अब तक का सबसे बड़ा घाटा हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी अब ऐसे नए सीईओ की तलाश में है जिसे इंटरनेशनल एयरलाइन चलाने का अनुभव हो, फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट दोनों बिजनेस मॉडल की समझ हो और जो कठिन परिस्थितियों में कंपनी को स्थिरता दे सके। एविएशन सेक्टर में बदलाव का यह दौर केवल एयर इंडिया तक सीमित नहीं है, क्योंकि इंडिगो ने भी हाल ही में अपने सीईओ पीटर एल्बर्स के इस्तीफे के बाद नए नेतृत्व की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की है।

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