नई दिल्ली में आज से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक और कूटनीतिक मंचों में से एक रायसीना डायलॉग की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi गुरुवार को इसके 11वें संस्करण का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह वैश्विक सम्मेलन 5 मार्च से 7 मार्च तक तीन दिनों तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के नेता, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इस साल सम्मेलन में करीब 110 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में Alexander Stubb, जो कि Finland के राष्ट्रपति हैं, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और उद्घाटन भाषण भी देंगे।
यह प्रतिष्ठित सम्मेलन Observer Research Foundation और Ministry of External Affairs, India के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न देशों की सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक भी भाग ले रहे हैं।
क्या है इस बार की थीम?
रायसीना डायलॉग 2026 की थीम ‘संस्कार: दावा, समायोजन और उन्नति’ रखी गई है। सम्मेलन के दौरान छह प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा होगी। इनमें वैश्विक शक्ति संतुलन, जलवायु परिवर्तन, नई तकनीकों का प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी चुनौतियां जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
इस बार की चर्चाओं का फोकस पारंपरिक वैश्विक गठबंधनों और तेजी से उभरती ‘टेक्नोपोलर’ दुनिया के बीच बढ़ते तनाव पर भी रहेगा।
हजारों प्रतिभागी होंगे शामिल
आयोजकों के मुताबिक इस सम्मेलन में करीब 2700 प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे। कार्यक्रम की सभी चर्चाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारित किया जाएगा, जिसे दुनिया भर में लाखों लोग देख सकेंगे।
इस मंच पर कई देशों के मंत्री, पूर्व राष्ट्रपति, सांसद, सैन्य अधिकारी और नीति विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
कई देशों के विदेश मंत्री भी पहुंचे
रायसीना डायलॉग में भाग लेने के लिए कई देशों के वरिष्ठ नेता और मंत्री दिल्ली पहुंच चुके हैं। इनमें Ian Borg (उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री, Malta), D. N. Dhungyel (विदेश मंत्री, Bhutan) और Dhananjay Ramful (विदेश मंत्री, Mauritius) शामिल हैं।
इसके अलावा Barry Faure (विदेश मंत्री, Seychelles) और Vijitha Herath (विदेश मंत्री, Sri Lanka) भी इस वैश्विक सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
‘विकसित भारत 2047’ पर भी होगी चर्चा
सम्मेलन के अंतिम दिन भारत के दीर्घकालिक विकास के रोडमैप पर विशेष चर्चा की जाएगी। इसमें ‘विकसित भारत 2047’ के विजन पर विचार-विमर्श होगा, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है।
आज के समय में रायसीना डायलॉग वैश्विक रणनीति और कूटनीति से जुड़े प्रमुख मंचों में गिना जाता है, जहां दुनिया के बड़े मुद्दों पर गंभीर मंथन होता है।







