रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। भाजपा की ओर से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की ओर से फूलोदेवी नेताम ने विधानसभा भवन में नामांकन पत्र जमा किया। विधानसभा में मौजूद संख्या बल को देखते हुए दोनों नेताओं का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में काफी राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। इस दौरान यह चर्चा भी रही कि भाजपा के प्रदेश महामंत्री और पूर्व विधायक नवीन मारकंडेय भी नामांकन दाखिल कर सकते हैं। उन्होंने नामांकन पत्र खरीदा भी था, लेकिन बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद उन्होंने पर्चा दाखिल नहीं किया।
भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा के नामांकन के समय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। लक्ष्मी वर्मा ने कुल तीन सेट में अपना नामांकन पत्र जमा किया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार शुरुआती रणनीति के तहत नवीन मारकंडेय को डमी उम्मीदवार के रूप में उतारने की चर्चा थी। हालांकि बाद में राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस योजना में बदलाव किया गया।
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलना लगभग तय है। भाजपा की नजर खासतौर पर कांग्रेस के उम्मीदवार पर थी। यदि कांग्रेस राज्य के बाहर से किसी नेता को उम्मीदवार बनाती, तो भाजपा नवीन मारकंडेय को असली प्रत्याशी बनाकर चुनावी मुकाबला खड़ा कर सकती थी।
लेकिन कांग्रेस ने अपने मौजूदा राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया। इसके बाद भाजपा ने भी अपनी रणनीति बदली और नवीन मारकंडेय ने नामांकन दाखिल नहीं किया।
कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम के नामांकन के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कांग्रेस के कई विधायक और पार्टी नेता मौजूद रहे।



