नया रायपुर। छत्तीसगढ़ी अस्मिता और स्वाभिमान को लेकर निकाली जा रही ‘छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा’ का दूसरा चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह यात्रा 330 से अधिक गांवों का भ्रमण करते हुए हजारों लोगों को अपने साथ जोड़ने में कामयाब रही। रविवार, 5 अप्रैल से रथ यात्रा का काफिला नया रायपुर पहुंच चुका है, जहां अब तीसरे चरण की शुरुआत से पहले विश्राम किया जाएगा।
रथ यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में पूजा-पाठ और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस यात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति, अस्मिता और अधिकारों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पूरे अभियान के दौरान एक विवादित घटना भी सामने आई, जब तुमगांव थाना, महासमुंद में कथित तौर पर प्रशासनिक कार्रवाई के तहत यात्रा से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस घटना के विरोध में राज्य आंदोलनकारियों, किसान संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। बाद में न्यायालय से जमानत मिलने के बाद संबंधित लोगों को रिहा किया गया।
आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरा अनिल दुबे ने बताया कि यह यात्रा केवल एक रथ यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के आत्मसम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न समाजों के समर्थन से यह आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है।
यात्रा का दूसरा चरण 7 मार्च को होली के बाद कवर्धा जिले के गोछिया गांव से शुरू हुआ था, जो अब नया रायपुर विधानसभा क्षेत्र में आकर पूरा हुआ। तीसरे चरण की शुरुआत से पहले रथ यात्रा यहां कुछ दिनों के लिए विश्राम करेगी।
इस दौरान आयोजन समिति के सदस्य लाला राम वर्मा, महेंद्र कौशिक, चेतन देवांगन और छन्नू साहू सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आयोजन समिति के प्रभारी लाला राम वर्मा ने कहा कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ी अस्मिता को जागृत करने में सफल रही है और आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज होगा।
अब सभी की नजरें 16 अप्रैल को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस बैठक में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।







