करंट से हाथी की मौत पर वन विभाग का एक्शन: खेत मालिक गिरफ्तार, फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड

Madhya Bharat Desk
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सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में करंट लगने से एक हाथी की मौत के मामले में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। प्रतापपुर क्षेत्र के करंजवार गांव में हुए इस हादसे के बाद विभाग ने खेत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में एक फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया गया है।

वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, करंजवार गांव के एक खेत में करीब 15 साल के नर हाथी का शव मिला था। जांच में सामने आया कि यह खेत रामलाल (52) पिता जगदीश का है। आरोप है कि रामलाल ने अपने गेहूं के खेत की सिंचाई के लिए बिजली का तार लगाया था, जिसकी चपेट में आने से हाथी की मौत हो गई।

अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर हाथी का शव मिला, वहां से कुछ दूरी पर बिजली का तार लगाया गया था। संदेह के आधार पर वन विभाग की टीम ने रामलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि खेत में सिंचाई के लिए बिजली का तार लगाया था।

बताया जा रहा है कि सुबह जब वह खेत पहुंचा तो उसे हाथी का शव दिखाई दिया। खुद को बचाने के लिए उसने बिजली का तार और खूंटा निकालकर अपने पैरा (फसल अवशेष के ढेर) में छिपा दिया था।

वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 50, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

इस घटना के बाद सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रतापपुर के फॉरेस्ट गार्ड जीतन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, प्रतापपुर रेंजर उत्तम मिश्रा को दो दिन के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बताया जा रहा है कि करंजवार गांव प्रतापपुर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है और यह इलाका हाथियों के आने-जाने के रास्ते (रूट लाइन) में आता है। इसके बावजूद हाथियों की निगरानी में हुई लापरवाही ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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